शुक्रवार, 14 अगस्त 2015

भारत जमीन का टुकड़ा नही

🇮🇳 जय हिन्द 🇮🇳

भारत जमीन का टुकड़ा नहीं,
जीता जागता राष्ट्रपुरुष है।
हिमालय मस्तक है, कश्मीर किरीट है,
पंजाब और बंगाल दो विशाल कंधे हैं।
पूर्वी और पश्चिमी घाट दो विशाल जंघायें हैं।
कन्याकुमारी इसके चरण हैं, सागर इसके पग पखारता है।
यह चन्दन की भूमि है, अभिनन्दन की भूमि है,
यह तर्पण की भूमि है, यह अर्पण की भूमि है।
इसका कंकर-कंकर शंकर है,
इसका बिन्दु-बिन्दु गंगाजल है।
हम जियेंगे तो इसके लिये
मरेंगे तो इसके लिये।

🇮🇳श्री अटल बिहारी वाजपेयी

सभी मित्रो को ...स्वतन्त्रता दिवस की हार्दिक बधाई🌹🌹🌹

🇮🇳वंदेमातरम🇮🇳

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